इनवर्टर टेक्नोलॉजी
दोस्तो आज के नए युग एक नई टेक्नोलॉजी आ रही है जिसको आप सभी जानते होंगे इनवर्टर टेक्नोलॉजी यह टेक्नोलॉजी एक किसी खास के लिए ही नहीं सभी चीज में आ रही है जैसे की इनवर्टर पंखे , एसी इनवर्टर फ्रिज इनवर्टर वॉशिंग मशीन इनवर्टर आदि आदि मे। जैसा कि आप जानते हैं इसकी इस टेक्नोलॉजी मे एसी करंट को डीसी करंटम मैं बदल जाता है एक बोर्ड के द्वारा उसे बदले हए करंट से ही मशीन के सारे component चलते हैं।जैसे कि मोटर , फैन मोटर , कंप्रेशर, इत्यादि।इन्वर्टर टेक्नोलॉजी एक प्रौद्योगिकी है जिसका उपयोग विभिन्न उद्योगों में विभिन्न प्रकार के उपकरणों या मशीनों में विद्युत ऊर्जा को परिवर्तित करने के लिए किया जाता है। इन्वर्टर टेक्नोलॉजी का मुख्य उद्देश्य विद्युत ऊर्जा को ऊर्जा संचालित या AC में परिवर्तित करना है। इस प्रकार की प्रौद्योगिकी के उपयोग से उपकरणों की कार्यक्षमता और ऊर्जा दक्षता को सुधारा जा सकता है। इन्वर्टर टेक्नोलॉजी के उपयोग से ऊर्जा संरक्षण और स्थायित्व में सुधार किया जा सकता
दोस्तो इस इनवर्टर टेक्नोलॉजी का वास्तविक उद्देश्य बिजली की खपत को कम कर उपभोक्ता को फायदा देना है । इनवर्टर टेक्नोलॉजी में बिजली की बचत का औसत कही कही तो 50 प्रतिशत तक पाया जाता है। इसमें प्रयोग होने वाली मोटर आदि को अलग डिजाइन से बनाया जाता है जो कि सामान्य बिजली से नहीं चल सकते । दोस्तो इस इनवर्टर टेक्नोलॉजी के कुछ दुष्परिणाम भी हैं जिनको भी हम आगे जानकारी देंगे। जैसा कि आप जानते हैं इस technology का उद्देश्य मुख्यते बिजली की बचत है उसी प्रकार हम भी यह जानते हैं जो जितना खायेगा उसमें उतनी ही ताकत रहेगी विपरीत परिस्थिति से लड़ने की जिसको खाना ही कम मिलेगा बो क्या लड़ पाएगा बो तो अपना समय पास करेगा उसी प्रकार
दोस्तो इस इनवर्टर टेक्नोलॉजी का मुख्य दुश्मन बिजली का उतार चढ़ाव है ये आइटम voltege fluctuation को सहन नहीं कर पाता और उसके पीसीबी बोर्ड मैं या कही ओर नुकसान हो जाता है। नुकसान हो गया ठीक है पर उपभोक्ता को उसकी भरी कीमत चुकानी पड़ती है नंबर एक पीसीबी या अन्य पार्ट की रिपेयरिंग अभी संभाव नहीं है दूसरा पार्ट नया ही बदला जाता है ।तीसरा लोकल मार्केट मैं कोई पार्ट उपलब्ध नहीं है।चौथा केबल सर्विस सेंटर पर ही उपलब्ध है बो भी कभी कभी काफी समय गुजर जाने के बाद ।जब ऐसा है तो सर्विस प्रदाता की आपको सारी शर्ते माननी पड़ेगी जैसे कि विजिट चार्ज पार्ट्स की कीमत उस पर लगाने वाला टैक्स आदि आदि कभी कभी ऐसा भी होता है कि सर्विस सेंटर से इतने कुशल इंजीनियर आते हैं कि उनकी समझ मैं ही फॉल्ट नहीं आता है और मजबूरी मैं बो कभी किसी चीज को खराब बताते हैं कभी किसी को ।उपभोक्ता तो उनको कंपनी का इंजीनियर समझता है बेचारा मान लेता है उसे क्या पता कि ये हम जैसों के वर्कशॉप से प्लास पेचकस पकड़ना सीख कर सर्विस सेंटर पर लग गया है । ओर उन्होंने उसे इंजीनियर बना कर आपके पास भेज दिया है
इनवर्टर टेक्नोलॉजी
खैर जो भी हो कीमत तो उपभोक्ता को चुकानी पड़ती है । दोस्तो आप समझ गए होंगे कि ये क्या scam है। मेरा आप से निवेदन है सजग रहे सावधान रहे क्या निकला है उसकी डिटेल रखे क्या डाला है उसकी डिटेल रखें एक सामान्य वोल्टेज पर ही अपनी मशीन को चलाए मौसम या वोल्टेज के उतार चढ़ाव के समय मशीन को बंद कर दें ।


